ताजिक नीलकंठी मूलतः यवन ज्योतिष पर आधारित रचना है जिसमे वर्ग कुंडली के आधार पर जन्म के पश्चात के वर्षो के शुभाशुभ फल की व् प्रश्न कुंडली द्वारा आगामी शुभाशुभ की सटीक भविष्यवाणी की जाती है i इसमें आचार्य नीलकंठ ने यवन पद्धति का वैदिक ज्योतिष सिद्धान्तों के साथ समन्वय करके जहाँ एक ओर वैदिक ज्योतिष को एक नया आयाम दिया है वही दूसरी ओर दो संस्कृत्यों के संगम का पुनीत कार्य भी किया है i जहाँ जन्म कुंडली के द्वारा जातक के समय जीवन की रूप रेखा प्रस्तुत की जाती है वही किसी भी वर्ष की वर्ष कुंडली द्वारा इस वर्ष की सिमित अवधि में आने वाले शुभाशुभ फल का विस्तार पूर्वक सूक्ष्म विवेचन किया गया है i
Transit (Gochara Pala Nirnayam) - Reader - V
Key Topics: Gluten intolerance
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Ashthanga Hridyam [Hindi] Kalamsa & Cuspal Interlinks Theory [English] ताजिक नीलकंठी मूलतः यवन ज्योतिषAshthanga Hridyam [Hindi] by Prof. Ravidutt Tripathi [] . , , . , , , , , ,